STORYMIRROR

समझ से परे परिवर्तन स्वार्थ से दूर नशा कुछ ऐसा चालाकी नहीं पैदल चलना आम इंसान दो गज दूर, है जरूरी सबके दुःख नि:स्वार्थ भाव इंसानियत की चाह जीवन सरिता जीवन दर्शन दर्द से द्रवित टीकाकरण से बदलती है चालाकी आज की आवश्यकता टेक्नोलॉजी बच्चा

Hindi आम की पहुंच से दूर Quotes